🔎 दमन : तीनबत्ती से मशाल चौक तक का इलाका पिछले 9 सालों से अंधेरे में डूबा रहा, लेकिन नेताओं और अधिकारियों के लिए यह मुद्दा कभी मायने ही नहीं रखता था। करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क तो बनी, लेकिन स्ट्रीट लाइट लगाना शायद किसी की प्राथमिकता में नहीं था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष हीरेन जोशी, जो इस दौरान जिम्मेदार पद पर थे, 9 साल तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे रहे। अब जब चुनाव नज़दीक हैं और मीडिया का ध्यान इस ओर गया है, तब जाकर उन्हें याद आया कि यहां अंधेरा है और जनता परेशान है।
👉 जनता का सवाल बिल्कुल सीधा है –
“9 साल तक आप सो रहे थे क्या?”
“जब महिलाएं और बुजुर्ग डर-डर कर इस रोड पर चलते थे, तब आपकी आंखें बंद क्यों थीं?”
“क्या नेताओं को समस्याएं तभी याद आती हैं जब फोटो खिंचवानी हो या खबरों में आना हो?”
रात में इस रोड से गुजरने वाले लोग सालों से डर और असुविधा झेल रहे हैं। प्रशासन और नेताओं की घोर लापरवाही ने जनता को अंधेरे में छोड़ दिया।
आज जब हीरेन जोशी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे हैं, तो जनता इसे समस्या का समाधान कम और “9 साल की नींद से अचानक जागने का नाटक” ज्यादा मान रही है।
📌 सच्चाई यही है कि तीनबत्ती-मशाल चौक रोड पर स्ट्रीट लाइट न होना प्रशासनिक नाकामी के साथ-साथ नेताओं की जिम्मेदारी से भागने और जनता की आवाज़ को अनसुना करने का साफ सबूत है।





