बीमा-रहित टैंकर ने ली पिता और दो मासूमों पुत्रों की जान, प्रशासन तमाशबीन


दमण वड चौकी | 20 अप्रैल 2025 शनिवार की शाम वड चौकी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में सुभाष कुमार वकील सिंह और उनके दो मासूम बच्चों की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब वे अपनी मोपेड (GJ-15-AR-0811) पर डी-मार्ट जंक्शन से वड चौकी की ओर जा रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार टैंकर (HR-38-W-7319) ने उन्हें कुचल दिया।

जिस ट्रक से यह भीषण दुर्घटना हुई, उस पर साफ़ तौर पर “ON DUTY PWD DAMAN” और “M/S RISHI RAJ CONSTRUCTION” का स्टीकर चिपका हुआ था, और टैंकर की बॉडी पर भारत पेट्रोलियम का नाम बड़े अक्षरों में अंकित था।
अब यह साफ नहीं है कि यह पेट्रोल टैंकर था या पानी का, लेकिन सवाल यह है कि बिना बीमा और लंबित चालानों वाले ऐसे वाहन को सरकारी कार्य में कैसे लगाया गया?
बीमा खत्म, चालान लंबित – फिर भी सड़कों पर दौड़ता ‘मौत का टैंकर’
जब हादसे के बाद लोगों ने ऑनलाइन माध्यमों से जानकारी निकाली, तो पाया कि इस टैंकर का बीमा समाप्त हो चुका है और उस पर ट्रैफिक चालान पेंडिंग हैं। फिर भी यह वाहन ‘सरकारी ड्यूटी’ पर था। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं?
तीन लाशें, लेकिन कोई जिम्मेदार नहीं – सिस्टम की चुप्पी शर्मनाक
इस भयंकर त्रासदी के बाद भी पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट प्रेस नोट जारी नहीं हुआ है। न कोई जिम्मेदारी तय की गई है, न ही किसी अधिकारी ने जवाबदेही दिखाई है।
सवाल यह है कि जब गाड़ी पर सरकारी विभाग और बड़ी कंपनी का नाम लिखा हो, तो क्या उसकी गलती पर पर्दा डाल दिया जाएगा?
“सरकारी स्टीकर मौत का लाइसेंस बन गया?”


आख़िर कब तक आम आदमी सिस्टम की लापरवाही की कीमत अपनी जान से चुकाता रहेगा? क्या इस बार भी फाइलें घूमेंगी, केस दर्ज होगा और फिर सब ठंडे बस्ते में चला जाएगा?










