मरीज की दुआ और डॉक्टर की समर्पण भावना: डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव का सराहनीय योगदान

उमरगाम: जन्म और मृत्यु पर किसी का नियंत्रण नहीं, लेकिन इस धरती पर डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप बनकर मरीजों को जीवनदान देते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक घटना उमरगाम तालुका के श्रीजी अस्पताल, डहेली में सामने आई, जहां डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने अपनी चिकित्सा कुशलता और सेवा भावना से एक मरीज को नया जीवन दिया।

वलसाड जिले के विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष और प्रसिद्ध समाजसेवी श्री पियूष ए. शाह, जो पहले ही पांच गंभीर ऑपरेशन करा चुके थे, हाल ही में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण डॉ. श्रीवास्तव के पास पहुंचे। 20 नवंबर 2024 को उनका प्रोस्टेट का ऑपरेशन और 22 नवंबर को दोनों तरफ के सातवें और आठवें हर्निया का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

मरीज की दुआ, डॉक्टर का समर्पण

डॉ. श्रीवास्तव की चिकित्सीय क्षमता, अनुशासन और मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण ने न केवल श्री पियूष शाह को जल्दी स्वस्थ किया, बल्कि उन्हें अपने जीवन की अधूरी ख्वाहिशें पूरी करने की नई उम्मीद भी दी। महज 2-3 दिनों में स्वस्थ होकर पियूष शाह ने डॉक्टर और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

अभिनंदन पत्र के साथ डॉक्टर का सम्मान
25 नवंबर को, श्रीजी अस्पताल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में श्री पियूष शाह ने डॉक्टर को सुनहरे फ्रेम में जड़े “अभिनंदन पत्र” के माध्यम से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर दक्षिण गुजरात प्रांत के विश्व हिंदू परिषद के कोषाध्यक्ष श्री जीनेशभाई नाहरजी, जिला उपाध्यक्ष श्री नरेंद्रभाई पायक, सेवानिवृत्त शिक्षक सेवा मंडल के उपाध्यक्ष और गुजरात सरकार द्वारा सम्मानित श्री अशरफभाई चुडासमा, हिंसा निवारण संघ के श्री गौतमभाई कितावत, और सामाजिक कार्यकर्ता श्री रमेशलालजी पारिख समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सभी ने डॉ. राजेश श्रीवास्तव की चिकित्सा सेवा, मानवता और मरीजों के प्रति उनकी समर्पण भावना की भरपूर सराहना की। यह भावुक क्षण उपस्थित लोगों की आंखें नम कर गया।

डॉक्टर: भगवान का दूसरा रूप
डॉ. श्रीवास्तव ने इसे अपनी जिम्मेदारी और ईश्वर की कृपा बताया। उनका कहना था कि “हर मरीज की दुआ हमारे लिए प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सभी ने डॉक्टर और उनकी टीम को शुभकामनाएं देते हुए इस प्रयास की प्रशंसा की।

यह घटना डॉक्टरों के प्रति समाज में आस्था और उनके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है। ‘डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप हैं,’ यह कहावत इस घटना में साकार होती है।

यह खबर ‘डेयर टू शेयर’ अखबार के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *