तुलापुर, महाराष्ट्र | 11 मार्च 2025
धर्मनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक, वीर योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की 336वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले चैरिटेबल ट्रस्ट, युवा कार्यकर्ता, और महाराष्ट्र जन सेवा संगठन द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में सुनील महाजन, उदय सोनवणे, सुनील पाटिल, सोमनाथ पाटिल, शत्रुघ्न पाटिल, प्रवीण सोनवणे, नितिन पाटील, गुलाब पाटिल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। आयोजन का नेतृत्व राकेश खैरनार, गोकुल माली, दीपक माली और उनकी टीम ने किया।


छत्रपति संभाजी महाराज: शौर्य और बलिदान की अमर गाथा
छत्रपति शिवाजी महाराज के वीर पुत्र संभाजी महाराज ने अपने जीवनकाल में मराठा साम्राज्य की रक्षा के लिए अनेक संघर्ष किए। 1689 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने छलपूर्वक उन्हें बंदी बना लिया और 40 दिनों तक अमानवीय यातनाएं दीं। उनसे जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने वीरता और आत्मसम्मान का परिचय देते हुए मृत्यु को स्वीकार किया, परंतु अपने धर्म से विचलित नहीं हुए।
आज उनकी पुण्यतिथि पर तुलापुर स्थित संगम घाट पर, जहां उनकी एवं उनके प्रिय मित्र कवि कलश की समाधि स्थित है, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान संभाजी महाराज के बलिदान को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
छत्रपति संभाजी महाराज की 336वीं पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन!







