सांसद की ना चली, टोल माफिया की चली: बगवाड़ा टोल प्लाजा पर फिर बढ़ा टैक्स, जनता बेहाल!

बगवाड़ा टोल प्लाजा पर चार महीने बाद फिर टैक्स में बढ़ोतरी

वलसाड जिले के बगवाड़ा टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से टोल टैक्स में 4-5% की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह निर्णय तब लिया गया जब कुछ ही महीनों पहले नवंबर में टोल टैक्स में 70% तक की भारी वृद्धि की गई थी। उस समय ट्रांसपोर्टरों ने कड़ा विरोध जताया था और सांसद ने भी इस वृद्धि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन अंततः टोल वसूली पहले की तरह जारी रही। अब एक बार फिर इस वृद्धि से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

पहले ही था 70% का भारी इज़ाफ़ा अब और बढ़ोतरी!

बगवाड़ा टोल प्लाजा वलसाड जिले के नेशनल हाईवे 48 पर स्थित है और यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को अब अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ेगा। पहले ही 70% की भारी बढ़ोतरी झेल रहे वाहन चालकों को अब 4-5% और ज्यादा भुगतान करना होगा। यह वृद्धि ऐसे समय में की गई है जब पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत बढ़ती जा रही है।

सांसद के वादे फुस्स, ट्रांसपोर्टरों की परेशानियां जारी

नवम्बर में जब टोल दरों में बढ़ोतरी की गई थी, तब वापी के ट्रांसपोर्टरों ने इसका कड़ा विरोध किया था। सांसद ने भी इस वृद्धि को वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन टोल वसूलने वाली कंपनी और प्रशासन ने अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं किया। अब एक बार फिर टोल टैक्स में वृद्धि कर दी गई है, जिससे ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

इंडस्ट्रियल हब वापी पर बढ़ता बोझ

वापी एक बड़ा इंडस्ट्रियल हब है और यहां से हर दिन करीब 10 हजार ट्रकों की आवाजाही होती है। टोल टैक्स की बढ़ोतरी से न केवल ट्रांसपोर्टरों की जेब पर असर पड़ेगा, बल्कि उद्योगों और व्यापारियों के लिए भी परिवहन लागत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए, वरना आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

क्या टोल माफिया सरकार से भी ताकतवर ?

सवाल यह उठता है कि जब सांसद का आदेश भी ठंडे बस्ते में चला गया, तो क्या जनता और ट्रांसपोर्टरों की तकलीफें कभी कम होंगी? बगवाड़ा टोल प्लाजा पर बार-बार होने वाली बढ़ोतरी जनता के लिए मुसीबत बन गई है। ट्रांसपोर्टर और वाहन चालक अब इस मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन की तैयारी में हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है या फिर जनता को इसी तरह लूटने के लिए छोड़ दिया जाएगा?

सांसद की ना चली, टोल माफिया की चली: बगवाड़ा टोल प्लाजा पर फिर बढ़ा टैक्स, जनता बेहाल!

चार महीने बाद फिर बढ़ोतरी: बगवाड़ा टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से 4-5% टोल टैक्स बढ़ाया गया।

पहले ही था 70% का भारी इज़ाफ़ा: नवम्बर में हुए जबरदस्त 70% टोल वृद्धि के बावजूद कोई राहत नहीं दी गई।

सांसद के वादे फुस्स: सांसद ने बढ़ोतरी रोकने का दावा किया था, लेकिन टोल माफिया ने बाज़ी मार ली।

ट्रांसपोर्टर फिर से आंदोलन के मूड में: वलसाड जिले के एकमात्र बगवाड़ा टोल प्लाजा पर लगातार बढ़ रहे टैक्स से ट्रक मालिक और वाहन चालक गुस्से में।

10 हजार ट्रकों की रोज़ाना आवाजाही: इंडस्ट्रियल हब वापी में ट्रांसपोर्टरों की बढ़ती परेशानियों पर कोई सुनवाई नहीं।

क्या टोल माफिया सरकार से भी ताकतवर ?
सवाल यह है कि जब सांसद का आदेश भी ठंडे बस्ते में चला गया, तो क्या जनता और ट्रांसपोर्टरों की तकलीफें कभी कम होंगी?

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