“आपदा में अवसर नहीं, समाधान लाई सांसद कलाबेन – मौके पर पहुंचकर जनता को दिलाया भरोसा”
नवनिर्मित पुल बहा, गाँव डूबे, खेत जलमग्न – तंत्र की लापरवाही पर जनता में आक्रोश


दादरा नगर हवेली में हाल ही की मूसलाधार बारिश ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की असलियत सामने ला दी है। नमो मेडिकल कॉलेज (बालदेवी मार्ग) पर बना नवनिर्मित पुल पहली ही बारिश में पानी में बह गया, जिससे लोगों की सुरक्षा और करोड़ों की सरकारी लागत पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत बने इस पुल का पहली बारिश में टूट जाना, स्मार्टनेस पर सीधा तमाचा है।



वहीं, अथाल फाटक में जल भराव की स्थिति भयावह बनी रही, जिससे आवाजाही ठप हो गई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दादरा, राखोली, नारोली, और सुरंगी जैसे क्षेत्रों के कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो गए, सैकड़ों घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। किसानों के खेतों में खड़ी फसलें डूब गईं, जिससे आर्थिक क्षति और बढ़ गई है।
प्रशासन मूकदर्शक, सांसद सक्रिय
जहाँ एक ओर प्रशासनिक अमला बारिश के बाद चुप्पी साधे बैठा रहा, वहीं दादरा नगर हवेली की सांसद श्रीमती कलाबेन मोहनभाई डेलकर ने आज दिनांक 19 जून 2025 को प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुँचकर खुद हालात का जायज़ा लिया और नगरपालिका के अधिकारियों, CO और अन्य संबंधित विभागों को फौरन राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए।
सांसद कलाबेन ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि केंद्र और प्रशासनिक स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी, और ये भी कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती रजनी शेट्टी, काउंसिलर सुमनभाई पटेल और पूरी टीम मौके पर उपस्थित रही।
जनता के सवाल:
क्या बिना गुणवत्ता जांच के कामों को मंज़ूरी मिलती है?
लाखों-करोड़ों के बजट में बना पुल इतनी जल्दी कैसे बह गया?
क्या स्मार्ट सिटी सिर्फ कागज़ों पर ही स्मार्ट है?








