देवशयनी एकादशी पर गूंजी बाबा श्याम की भक्ति-स्वर लहरियां, दिव्या तिवारी के भजनों से झूमे भक्त

राजस्थान भवन वापी में सजी अनुपम भजन संध्या, फूलों की होली और इत्र वर्षा ने रचाई भक्ति की छटा

लाखन भाई सैन की अथक सेवा और भक्तों की उमंग से खाटू श्याम भजन संध्या बनी अविस्मरणी

🌸 विशेष रिपोर्ट: बाबा की भक्ति में डूबा वापी, भजन संध्या से मिली आत्मिक ऊर्जा 🌸

वापी, 6 जुलाई 2025 (रविवार) – देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर श्री श्याम युवा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्री श्याम भजन संध्या ने भक्ति और श्रद्धा की अद्वितीय मिसाल कायम की। कार्यक्रम शाम 7 बजे से वापी स्थित राजस्थान भवन में शुरू हुआ, जहां बाबा श्याम की भक्ति में डूबे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

भजन संध्या की मुख्य आकर्षण रहीं भजन गायिका दिव्या तिवारी (मुंबई), जिनकी मधुर आवाज़ में गाए गए श्याम भजनों ने वातावरण को भाव-विभोर कर दिया। भजन के साथ ही बाबा की ज्योत, फूलों की होली, इत्र वर्षा, छप्पन भोग और महाप्रसादी का आयोजन भक्तों के लिए आत्मिक अनुभव बना।

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में भक्त श्री लाखन भाई सैन की विशेष भूमिका रही। मंच से लेकर भक्तों की बैठने की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, निमंत्रण और सभी व्यवस्थाओं में उन्होंने अथक परिश्रम किया। हमारे संवाददाता से बातचीत में लाखन भाई ने अत्यंत विनम्रता से कहा –
“हरि इच्छा, सब बाबा करते हैं। भक्त आते हैं और बाबा की कृपा से यह आयोजन हर बार होता है, आगे भी होता रहेगा।”

वापी और आसपास के क्षेत्रों से आए राजस्थानी एवं गुजराती समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। श्रद्धा, भक्ति और सेवा का यह संगम आने वाले वर्षों तक स्मरणीय रहेगा।

🕉️ बाबा खाटू श्याम – संक्षिप्त जीवनी

बाबा खाटू श्याम जी को कलियुग के साक्षात श्रीकृष्ण के रूप में पूजा जाता है। इनका वास्तविक नाम बर्बरीक था, जो महाभारत में वीर घटोत्कच के पुत्र थे। जब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति, शक्ति और त्याग को देखा, तो उन्हें वरदान दिया कि वे कलियुग में श्याम नाम से पूजे जाएंगे और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे।

राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित उनका मंदिर आज भी लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। बाबा को हार का नहीं, सच्ची भावना और निस्वार्थ भक्ति का दानी माना जाता है।

📌 भविष्य में भी श्री श्याम युवा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ऐसे भक्तिमय कार्यक्रमों के आयोजन की आशा जताई जा रही है। “जय श्री श्याम” (लाखन भाई सैन)

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